शनिवार, 19 अगस्त 2017

            ।आशा अमर धन

संसार के सभी महापुरूष प्रारंभ में साधारण श्रेणी, योग्यता , क्षमताओं  के व्यक्ति रहें है। इतना हैनहोने पर भी उन्होंने अपने आप को कभी हीन नहीं समझा। आैर निराशा को कभी पास नहीं फटकने दिया।

जीवनमें आशावादी व्यक्ति ही आगे बढ़ता है। उम्मीद पर ही तो दुनिया चलती है।  जब इंसान  मुश्किलों का सामना करता है तो वह डर जाता है।  उसे लगता हें कि अब उसके पास कोई रास्ता नहीं है।

पर आशावादी व्यक्ति कभी निराश नहीं होता।  वे सदा यही सोचते है कि

मुसीबत से घबरा गए तो जीरो है जिन्दगी

सफलता पा गए तो  हीरो हैं जिन्दगी।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

किताबें

गुरू